Teacher Ke Sath Ki Pahli Chudai-टीचर के साथ की पहली चुदाई

By | December 13, 2018
Teacher Ke Sath Ki Pahli Chudai

Teacher Ke Sath Ki Pahli Chudai

हाय दोस्तो, मेरा नाम अनुज शर्मा है और मैं राजस्थान के एक शहर से हूँ।

आज मैं आप को जो हिन्दी स्कूल सेक्स कहानी बताने जा रहा हूँ वो मेरे कॉलेज की टीचर शालिनी और मेरी है।
मैं आप को मेरे बारे में बताता हूँ; मैं एक 20 साल का युवक हूँ, मैं दिखने मैं गोरा हूँ। थोड़ा पतला ज़रूर हूँ पर जिम जाने के वजह से मेरा शरीर गठीला है। मेरा लंड 6 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा है।
अब मैं आप को अपनी टीचर के बारे में बताता हूँ। मेरे टीचर का नाम शालिनी है, वो मुझे बायोलॉजी पढ़ाती थी, वो अकेली रहती है, वो शादीशुदा जरूर है पर उनके हस्बैंड काम से हमेशा बाहर रहते थे। उनकी उम्र तब 25 साल थी, उनकी फिगर 29 26 32 है, उनके बूब्स थोड़े छोटे जरूर थे पर मुझे बहुत पसंद थे, वो दिखने में भी सुंदर थी, जब वो चलती तो उनकी गांड ही देखता रहता था।

Mere Teacher Ne Ki Meri Pahli Chudai- Part 1

यह कहानी 2016 की है जब मैं 12वीं क्लास में था। मुझे जरनल चेक करने के लिए बायोलॉजी लैब में जाना पड़ा। जब मैं वह गया मैंने देखा मैम अपने मेज पर बैठी थी। मैंने उन्हें अपनी जरनल चेक करने दी।
उन्होंने मुझे कहा- तुम बहुत अच्छे लड़के हो, और इसी तरह पढ़ते रहना।
इतना ही नहीं, उन्होंने मुझे कहा- तुम मेरे पसंदीदा स्टूडेंट हो।

मेरे मन में तो जैसे लडडू फूट पड़े, मैंने भी उनसे कहा- मैम, आप भी मेरी पसंदीदा टीचर हो।
तो उन्होंने पूछा- अच्छा, तुम्हें मुझमें इतना क्या अच्छा लगता है? कॉलेज में और भी कई टीचर्स हैं।
मेरी तो 2 सेकंड के लिए बोलती बंद हो गयी पर मैंने हिम्मत कर के बोल दिया- मैम, आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो। आप के चेहरे से लेकर आप के पैरों तक मुझे हर चीज़ अच्छी लगती है।

मैम यह बात सुन कर मुझ पर भड़क गई, मैं डर गया, पर मैम मुझे डरा हुआ देख कर बोली- कल मेरे घर पर आ जाना।
मुझे थोड़ी खुशी भी हो रही थी और डर भी लग रहा था।

अगले दिन संडे था तो मैंने घर पर कहा कि मैं अपने दोस्त के घर पढ़ने जा रहा हूँ।

मैं मैम के घर पहुँचा और बेल बजायी, जब मैम ने दरवाजा खोला तो मैं मैम को देखता ही रह गया; मैम ने मस्त नाइटी पहन रखी थी, मैं मैम को देखता ही रहां।
मैम ने भी ये नोटिस किया पर जैसे कुछ न समझने की एक्टिंग करने लगी और गुस्से में बोली- अंदर आओ।
मेरी खुशी तो गम में बदल गयी, मुझे लगा कि मैम ने तो सच में मुझे डांटने और समझाने के लिए बुलाया है। मैं डरते डरते अंदर गया।

मैम ने फौरन दरवाजा बंद कर लिया, मुझे अपने सामने सोफे पर बिठाया और समझने लगी।
कुछ देर बाद मुझे लगा कि मैम का मेरे ऊपर का गुस्सा कम हो गया है।

मैम ने फिर मुझसे पढ़ाई के बारे में बात की पर मेरी नज़र तो उनके चूचों पर थी। मैम ने भी ये नोटिस कर लिया था।
अचानक से उन्होंने मुझे पूछ लिया- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड है?
मैंने न में गर्दन हिलायी।
तो मैम ने कहा- कैसे लड़के हो तुम? पढ़ाई में तो अच्छे हो, दिखने में भी अच्छे हो पर फिर भी कोई गर्लफ्रैंड नहीं?

मैंने भी अब जोश जोश में कह दिया- मुझे जो लड़की पसंद है उसने तो मुझे ना कर दिया है।
मैम ने पूछा- कौन है वो?
तो मैंने कहा- आप।

मैम ने मुझे फिर जो कहा उससे मैं बहुत शॉकड रह गया था; मैम ने कहा- मुझे भी तुम बहुत अच्छे लगते हो।
फिर मैंने मैम से पूछ लिया- कल आप क्यों मुझ पर भड़क गई थी?
तो मैम ने कहा- मैं देखना चाहती थी कि क्या मैं तुम्हें सच में पसंद हूँ।

मैं उठ कर सीधा मैम के पास गया और उनका चेहरा पकड़ कर कहा- तुम तो मुझे कॉलेज के पहले दिन से पसंद हो!
और इतना कह कर मैंने मैम को किस करना शुरू कर दिया।
मैम भी मुझे किसिंग में मेरा साथ दे रही थी।

फिर मैम मेरे लंड पर हाथ फेरने लगी और मैं उनके चूचों पर हाथ ले गया और किस किये जा रहे थे।

लगभग 7-8 मिनट किस करने के बाद मैंने मैम को उठाया और पास की दीवार को लगकर खड़ा कर दिया और उनके होठों को चूसने के बाद मैंने उनके गले को चूमना शुरू किया।
आगे से पीछे तक उनकी गर्दन को किस किया और उनके बूब्स को नाइटी के ऊपर से ही चूसने लगा।

मैम अब गरम हो रही थी।

फिर मैंने उन्हें उठाया और बैडरूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया, फिर मैं उनके पैरों से चूसते चूसते उनकी नाइटी ऊपर करते करते उनकी चिकनी जांघों तक पहुँच गया।
फिर मैंने मैम की पूरी नाइटी उतार कर फेंक दी। अब मैम मेरे सामने पर्पल ब्रा और पैंटी में थी।

मैं फिर से उनके गले को चूसते हुए उनके बूब्स को चूसने लगा। फिर मैं नीचे आकर उनके पेट और नाभि को चूसने लगा। इतने मैं मैम काफी ज्यादा गरम हो चुकी थी और सिसकारियाँ ले रही थी और कह रही थी- ओह सैम, चूस लो मेरे जवान बदन को!

फिर मैंने उनको उल्टा कर दिया और उनकी ब्रा की हुक खोल कर उनकी पीठ चूमने लगा और धीरे धीरे उनकी गांड तक आ गया। फिर मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनकी गांड को चूसने लगा।
मैम जोर से सिसकारियाँ लिए जा रही थी- ओह उम्म्ह… अहह… हय… याह… अनुज ससस्स चूस लो मेरी गांड को। अपनी जबान को घुसेड़ दो मेरी गांड में!

मैंने भी वैसा ही किया और दस मिनट तक उनकी गांड चाटी और उनके चूतड़ भी चाटे।

फिर मैंने उनको सीधा किया और उनके बूब्स चूसने लगा। एक बूब मेरे मुंह में था और दूसरा मैं मसल रहा था।
मैम चिल्ला रही थी- अनुज और कस के चूसो, खा जाओ इनको!

फिर मैं बूब्स से चूसते चूसते नीचे आया और मैम की चूत देखी तो देखता ही रह गया।
मैम बोली- ऐसे क्या देख रहे हो? कभी चूत नहीं देखी क्या?
मैंने कहा- नहीं मैम, मैंने पहले कभी चूत नहीं देखी, आज मुझे पहली बार चूत के दर्शन हो रहे हैं और पहली बार में ही इतनी सुंदर चूत मिली है।

और इतना कहकर मैं उनकी चूत चूसने लगा। मैम इस फौरन हुई हरकत को समझ नहीं पायी और मेरी जीभ के स्पर्श से जोर से सिसकार उठी- सस्स्सस… वाह मजा आ रहा है, और जोर से चूस!
इतना कह कर मैम ने मेरा मेर मुँह अपने पैरों से अपनी चूत में दबा दिया और मेरे बालों को सहलाने लगी। मुझे मैम की चूत की गंध से और ज्यादा जोश चढ़ गया और मैं जोर से चूसने लगा।
5 मिनट में मैम ने जोर के झटके के साथ मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ दिया।

क्या बताऊँ… उनकी चूत का पानी इतना स्वादिष्ट था कि मैं पूरा पानी पी गया और उनकी चूत चाट कर साफ कर दी।

फिर मैम ने उठ कर मुझे बेड पर धक्का दे दिया और मेरा लंड मजे से चूसने लगी और कहने लगी- सैम, तुम्हारा लंड कितना बड़ा है, मेरे पति का तो एकदम छोटा और पतला है.
और मेरी टीचर मेरी मैम मेरा लंड चूसने लगी।

5-6 मिनट में मैं मैम के मुँह में झड़ गया; मैम मेरा सारा पानी पी गयी और मेरे ऊपर लेट गयी।

फिर लगभग दस मिनट एक दूसरे को किस करते रहे तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। मैं मैम के बूब्स चूसने लगा तो मैम बोली- अनुज अब ज्यादा मत तड़पा मुझे… अब डाल दे मेरी प्यासी चूत में तेरा मोटा लंड।

मैंने मैम को नीचे लेटाया और उनकी चूत पर लंड सेट किया और एक जोर का धक्का मारा और मेरा लंड मैम की चूत में 4 इंच अंदर तक घुस गया।
मैम जोर से चिल्ला पड़ी- अनुज धीरे… आह आह… मेरी चूत फट जाएगी, थोड़ा आराम से करो।

मैं दो मिनट रुका रहा और उसके बाद मैंने मैम की चुत में लंड के झटके मारना शुरू कर दिया। अब मैम को भी मजे आ रहे थे और वो भी गांड उठा उठा कर चुद रही थी। मैं उनको चोदते हुए उनको किस कर रहा था और उनके बूब्स दबा रहा था।

फिर पांच मिनट बाद मैं मैम के पीछे लेट गया और उनकी चूत में पीछे से लंड घुसाने लगा और साथ ही उनके बूब्स दबा रहा था और उनकी गर्दन चूस रहा था।
मैं और मैम दोनों पसीने से भीग गए थे, मैम के नंगे बदन की खुशबू से मैं और उत्तेजित हो रहा था।

फिर मैंने उनकी बगल को चाटा, उनके छोटे रोंएदार बाल और उनके पसीने की टेस्ट से मैं और जोर के धक्के मारने लगा और फिर मैंने मैम को को डॉगी स्टाइल में चोदा। इस स्टाइल में चोदने से मेरा लंड पूरा उनकी चुत के अंदर जा रहा था। मैं और मैम दोनों सुख की चरम सीमा पर थे। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकला और फिर से मैम की चूत चूसने लगा।

2 मिनट तक चूत चूसने के बाद मैं बेड पर लेट गया और मैम मेरे लौड़े पर आई और मेरा लंड अपनी चुत पर सेट किया और जोर से मेरे लंड पर बैठ गयी और जोर जोर से मेरे लंड पर उछलने लगी। मैम के चूचे जोर जोर से उछल रहे थे।

फिर मैम मेरे मुंह के पास आई और मुझे किस करने लगी और फिर मैंने मैम का निप्पल मुख में ले लिया और चूसने लगा। पूरा कमरा मैम की सिसकारियों और फच फच की आवाज़ से गूंज रहा था।
15 मिनट बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए।

फिर मैं और मैम लेटे रहे।

कुछ देर में मैम मेरे निप्पल चूसने लगी और मैं उनके बाल सहलाने लगा। मेरा लंड एक बार और खड़ा हो गया।
मैम बोली- अब क्या करने का इरादा है?
तो मैंने मैम से कहा- मैं तो आपकी गांड मारना चाहता हूँ पर अगर आप मरवाना चाहती हो तो?
तो मैम बोली- मैं तो तुम्हारी ही हूँ मेरे राजा, तुम जो करना चाहो तुम कर सकते हो।

फिर मैम उथी और बॉडी लोशन लेकर आई, वो लोशन मेरे लंड पे लगाया और फिर मेरे हाथ मे लोशन थमाया और फिर मैंने बहुत सारा लोशन मैडम की गांड पर लगा दिया। फिर मैम घोड़ी बन गयी और फिर मैंने अपनी एक उंगली टीचर की गांड मैं घुसेड़ दी और अंदर बाहर करने लगा।

कुछ देर बाद मैंने दो उंगलियाँ उनकी गांड में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। अब मैम की गांड फैल चुकी थी और फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड पर सेट किया और धक्के मारने लगा।

मैम दर्द भरे आनन्द से जोर जोर से चिल्ला रही थी और अपनी गांड आगे पीछे करके चुदने लगी। मैं पीछे से धक्के मार रहा था और उनके चुचे भी दबा रहा था और उनकी चुत भी उंगलियों से रगड़ने लगा।
कुछ मिनट बाद मैम जोर से अकड़ गयी जिससे उनकी गांड एकदम पैक हो गयी और फिर मैं उनकी गांड में ही झड़ गया और मैम भी झड़ गयी।

मैम इस चुदाई से बहुत खुश थी।

फिर मैं कपड़े पहन कर घर चला गया।
उसके बाद से तो जब भी हमें मौका मिलता है, हम दोनों चुत चुदाई का खेल खेल लिया करते हैं।

दोस्तों आपको मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके बताये और सुझाव भी दे ! अगर आप अपनी कहानी Submit करना चाहते है तो मेल कर सकते है-Kyakhabar32@gmail.co

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